12 लाख भरिए, रेड कारपेट पर टहलिए, कान फिल्म फेस्टिवल के नाम पर ‘वसूली’ का सनसनीखेज खुलासा

कान फिल्म फेस्टिवल के नाम पर सिर्फ भारतीय फिल्म दर्शकों को ही नहीं इसमें काम करने वाले सितारों को भी खूब गुमराह किया जाता है। फेस्टिवल के दिन करीब आते ही फिल्मी सितारों और मनोरंजन जगत के कलाकारों को इस फेस्टिवल के रेड कारपेट पर चलने के लिए ‘मौका’ दिलाने वालों की लॉबी फिर से सक्रिय हो गई है। फिल्म कलाकारों को इस फेस्टिवल के दौरान पार्टी में शामिल होने से लेकर नेटवर्किंग और फोटो खिंचाने के मौके दिलाने तक के लिए पैकेज डील ऑफर की जा रही है।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनुप्रिया कपूर ने ऐसी ही एक मेल अपने सोशल मीडिया पेज पर साझा कर दी है। बीते साल फिल्म ‘हमारे बारह’ के कथित ‘इंडियन फिल्म कैटेगरी’ में चयनित होने की फर्जी खबर का भंडाफोड़ हुआ था, इस साल अनुप्रिया ने खुलासा किया है कि कैसे आठ लाख रुपये से लेकर 12 लाख रुपये तक कलाकारों से मांगे जा रहे हैं, उन्हें सिर्फ रेड कारपेट पर चलाने के नाम पर।
अनुप्रिया कहती हैं कि तमाम ऐसे लोग पैसे देकर कान में रेड कारपेट पर पहले भी फोटो खिंचाते रहे हैं जिनका सिनेमा से कोई लेना देना नहीं है। वह कहती हैं कि पैसे देकर कान जाने में बुराई नहीं है लेकिन ऐसे लोगों को भारत का प्रतिनिधित्व करने का दावा नहीं करना चाहिए। इस साल 13 मई से शुरू होने जा रहे कान फिल्म फेस्टिवल का ये 78वां आयोजन होगा।
कान फिल्म फेस्टिवल के आधिकारिक सेक्शन में चुनी गई फिल्मों के कलाकार ही इस फेस्टिवल के रेड कारपेट पर चलते हैं। कुछ कलाकारों को फेस्टिवल के प्रायोजकों की तरफ से भी आमंत्रित किया जाता है, जैसे बीते साल ऐश्वर्या राय बच्चन, अदिति राव हैदरी, शोभिता धूलिपाला आदि इसी तरह वहां पहुंची थीं।
इस फिल्म फेस्टिवल की सबसे महत्वपूर्ण कैटेगरी होती है, कंपटीशन सेक्शन, जिसमें कोई तीन दशक बाद बीते साल पायल कपाड़िया की फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ शामिल हुई थी। दूसरा अहम सेक्शन कान फिल्म फेस्टिवल का अन सर्टेन रिगार्ड (परिप्रेक्ष्य में) है जिसमें पिछले साल शहाना गोस्वामी अभिनीत फिल्म ‘संतोष’ शामिल हुई थी।