डीएमके सरकार के आरोपों के बीच, वित्त मंत्री का बयान- PLI योजना के तहत तमिलनाडु को मिला बड़ा फायदा

तमिलनाडु की डीएमके सरकार तीन भाषा नीति और परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमलावर है। डीएमके सरकार का कहना है कि केंद्र द्वारा राज्य की अनदेखी की जा रही है। इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान सामने आया है। वित्त मंत्री ने बताया है कि केंद्र सरकार की पीएलआई योजना के तहत तमिलनाडु को बड़ा फायदा मिला है और इलेक्ट्रोनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर के बड़े प्रोजेक्ट राज्य को मिले हैं।
केंद्र की पीएलआई योजना के लाभार्थी राज्यों में तमिलनाडु भी शामिल
चेन्नई में शनिवार की शाम को चेन्नई सिटिजन फोरम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने तमिलनाडु सरकार द्वारा केंद्र सरकार पर फंडिंग के मामले में राज्य की अनदेखी करने के आरोपों पर कहा कि ‘तमिलनाडु, पीएलआई योजना के सबसे बड़े लाभार्थी राज्यों में से एक है। केंद्र सरकार ने पीएलआई योजना के तहत इलेक्ट्रोनिक्स पार्ट्स बनाने वाली और ऑटोमोबाइल सेक्टर की 27 कंपनियों को मंजूरी दी थी, इनमें से सात कंपनियां तमिलनाडु की हैं।’
वित्त मंत्री ने बिना किसी का नाम लिए राज्य सरकार के उन दावों को खारिज कर दिया कि उन्हें केंद्र से केंद्रीय कर में बेहद कम हिस्सा मिला है। वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि राज्य सरकार ने किस गणना के आधार पर यह बात कही है, लेकिन मैं इतना कह सकती हूं कि बीते 10 वर्षों में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से राज्य को काफी फायदा हुआ है।