‘दलितों-आदिवासियों की योजनाओं के लिए बजट हिस्सेदारी तय करने का कानून बने’, राहुल गांधी की मांग

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मांग की है कि ऐसा कानून बनना चाहिए, जो यह सुनिश्चित करे कि दलितों और आदिवासियों के लिए बनी सरकारी योजनाओं के लिए बजट में उचित हिस्सा मिले। उन्होंने दलितों और आदिवासियों को सत्ता में भागीदारी देने के लिए भी ठोस कदम उठाने की अपील की। राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में दलित और आदिवासी समुदायों से जुड़े शोधकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।

राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर लगाया आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि ‘प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि दलितों और आदिवासियों के लिए केंद्रीय बजट का एक निश्चित हिस्सा आवंटित करने के लिए कानून बनाया जाए। कर्नाटक और तेलंगाना में पहले से ही ऐसा कानून लागू है और वहां इन समुदायों को इसका लाभ मिला है। यूपीए सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर दलितों और आदिवासियों के लिए ‘उप-योजनाएं’ भी शुरू की थीं। हालांकि, मोदी सरकार के दौरान इस प्रावधान को कमजोर कर दिया गया है और बजट का बहुत छोटा हिस्सा ही इन वर्गों तक पहुंच रहा है।’

गांधी ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में लिखा कि ‘दलित और आदिवासी लंबे समय से अधिकारों और प्रतिनिधित्व के लिए लड़ रहे हैं। आज हमें इस बात पर विचार करने की जरूरत है कि उन्हें सत्ता में भागीदारी और शासन में आवाज देने के लिए और क्या ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।’ लोकसभा में नेता विपक्ष ने कहा, ‘हमें एक राष्ट्रीय कानून की जरूरत है जो दलितों और आदिवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए विशेष रूप से तैयार की गई योजनाओं के लिए बजट का उचित हिस्सा सुनिश्चित करे।’

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